Happy Raksha Bandhan wishes for Brother & Sister in 2023

Happy Raksha Bandhan wishes रक्षा बंधन एक ऐसा त्योहार है. जिसका सभी भाई-बहनों को बेसब्री से इंतजार रहता है।

यह बहन और भाई के अटूट प्रेम और एक दूसरे के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं.

भाइयो की लंबी उम्र की कामना करती हैं, और उनकी रक्षा करने का वादा करती हैं।

माना जाता है कि राखी बांधने से भाई अपने धर्म का सम्मान करने और अपनी बहन की रक्षा करने के लिए बाध्य होता है।

भाई-बहनों के हार्दिक बंधन का सम्मान करने वाला यह शुभ त्योहार भी परिवार और रिश्तेदारों को एक छत के नीचे लाने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है।

रक्षा बंधन 2023 के इस शुभ अवसर पर अपने प्रियजनों को शुभकामनाएं देने के लिए यहां कुछ हार्दिक शुभकामनाएं दिए गए हैं।

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Happy Raksha Bandhan wishes, Messages, Quotes, SMS, and Greetings

आपको प्यार का एक धागा भेज रहा हूं, जो हमारे दिल और जीवन को बांध देगा, और हमारे इस बंधन को मजबूत करेगा। हैप्पी रक्षा बंधन! आपको रक्षा बंधन की बहुत बहुत शुभकामनाएं!

Happy Raksha Bandhan

प्यारी बहन, इस रक्षा बंधन, मैं हमेशा आपका एक दोस्त बनने का वादा करता हूं, और हमेशा आपकी तरफ से रहूंगा, चाहे कुछ भी हो। केवल आपके लिए ढेरों आशीर्वाद और उपहार भेजना!

Happy Raksha Bandhan

हम हंसते हैं और हम रोते हैं, हम खेलते हैं और हम लड़ते हैं। हमने साथ में बिताये सुख-दुख के पलों ने हमारे बंधन को और मजबूत किया है। आपको रक्षा बंधन की बहुत बहुत बधाई।

एक बहन होने के बारे में सबसे आश्चर्यजनक बात यह है, कि जीवन में एक सबसे अच्छा दोस्त होना। हमेशा मेरे लिए वहाँ रहने के लिए धन्यवाद दीदी। राखी मुबारक!

एक लड़की के बड़े होने के बाद, उसके छोटे भाई, अब उसके रक्षक; बड़े भाई लगते हैं। — टेरी गुइलमेट्स

मेरे बुरे समय में मेरी मदद और साथ देने के लिए धन्यवाद भाई। रक्षा बंधन के लिए ढेर सारा प्यार!

अरे बहन!! मैं आपसे छोटा हो सकता हूं लेकिन आपको किसी भी बुराई से बचाने के लिए काफी मजबूत हूं। हैप्पी रक्षा बंधन!

आई लव यू बहन मरते दम तक और आपकी सभी जरूरतों में हमेशा एक कॉल दूर रहूंगा। हैप्पी रक्षा बंधन!

People also ask (FAQ)

1. रक्षाबंधन का इतिहास क्या है?

रक्षाबंधन हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो हर साल श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस त्योहार का उल्लेख महाभारत में भी मिलता है।

महाभारत के अनुसार, द्रौपदी एक दिन अपने पाँचों पति युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव से उनकी रक्षा के लिए बहुत चिंतित थीं। इस पर उन्हें उनकी माता-श्वसुरा की सलाह मिली कि उन्हें कृष्ण भगवान से मिलना चाहिए। उन्होंने अपनी मुसीबत को समझाया और भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को उन धर्म का उपदेश दिया जिसमें भाई अपनी बहनों की रक्षा करते हैं। वह उन्हें कहते हैं कि अगले पूर्णिमा के दिन अपने भाई का कलवा बाँध लें और उन्हें रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दें।

2. रक्षा बंधन की शुरुआत कैसे हुई?

रक्षाबंधन की शुरुआत भारतीय महाकाव्य महाभारत से जुड़ी हुई है। महाभारत के अनुसार, द्रौपदी ने अपने पांचों पति युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव को रक्षा के लिए बुलाया था। उन्हें पता था कि उनके पति लड़ाई में काफी शक्तिशाली होते हैं, लेकिन अगर कोई उन्हें मार देता है तो वह अकेले रह जाएँगी। इस पर उनकी माता-श्वसुरा ने उन्हें सलाह दी कि वह भगवान कृष्ण से मिले।

द्रौपदी ने भगवान कृष्ण से मिलकर अपनी मुसीबत को समझाया तो भगवान कृष्ण ने उन्हें धर्म का उपदेश दिया। उन्होंने द्रौपदी को बताया कि भाई अपनी बहन की रक्षा करते हैं और उन्हें संज्ञान में रखना चाहिए। उन्होंने द्रौपदी से कहा कि वह अपने भाई के कलवे को बाँधकर उन्हें रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दे। इस तरह से रक्षाबंधन का त्योहार शुरू हुआ।

3. रक्षा बंधन का मतलब क्या होता है?

रक्षाबंधन शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है। रक्षा शब्द का अर्थ होता है सुरक्षा या रक्षा करना, जबकि बंधन शब्द का अर्थ होता है बाँधना या जोड़ना। इस त्योहार में, बहन अपने भाई के कलवे को रंगीन धागों से बाँधती है जो एक रक्षाबंधन बंधन की तरह होते हैं। इस रक्षाबंधन बंधन का अर्थ होता है कि बहन अपने भाई को सुरक्षित रखने का वचन देती है। इस त्योहार का मतलब होता है एक बहन की प्रेम और स्नेह की उपस्थिति में भाई की सुरक्षा और सम्मान की गहरी भावना होती है।

4. हिंदू धर्म में रक्षाबंधन का क्या महत्व है?

हिंदू धर्म में रक्षाबंधन एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो भाई और बहन के बीच गहरे संबंध को स्वीकार करता है। यह त्योहार श्रद्धा और प्रेम का उत्सव है जो भाई और बहन के बीच एक गहरी बंधन की उत्पत्ति का प्रतीक है।

रक्षाबंधन का महत्व हिंदू धर्म में बहुत अधिक होता है। इस दिन बहनें अपने भाई की रक्षा के लिए प्रार्थनाएँ करती हैं और उन्हें धन, समृद्धि और खुशियों की कामना करती हैं। वे अपने भाई को अपने प्रेम और स्नेह की भावना से आदर देती हैं।

इस त्योहार में, बहन अपने भाई को रक्षाबंधन बंधन बाँधती हैं, जो एक प्रतीक है कि वे उनके लिए संरक्षण और सुरक्षा की गारंटी हैं। इस बंधन से, रिश्ते में मजबूती आती है और भाई-बहन के बीच गहरे बंधन का उत्पत्ति होता है। रक्षाबंधन हिंदू धर्म में प्रेम और भाई-बहन के रिश्ते के महत्व को दर्शाता है।

5. रक्षा बंधन की खोज किसने की थी?

रक्षाबंधन की खोज या उत्पत्ति की गाथा इतिहास के धुंधले से छिपे हुए हैं और इससे संबंधित कोई निश्चित उल्लेख नहीं है। इस त्यौहार के बारे में कुछ पुराने कथाओं और प्रथाओं में बताया जाता है कि राजा भाईयों ने यह त्योहार शुरू किया था।

एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, राजा अलीबाक्ष और उसकी बहन रानी कर्णावती थे। जब रानी कर्णावती के पति राजा रतन सिंह मृत्यु को प्राप्त हुए थे तो वह मुगल बादशाह अकबर से सहायता मांगने के लिए उसके पास जाती हैं। रानी कर्णावती की साहसिकता और उसकी भाई की साहसिकता को देखते हुए, राजा अकबर ने रानी को बहन के रूप में स्वीकार कर लिया था और उसे अपनी बहन की तरह सम्मान दिया था। इस तरह से यह प्रथा शुरू हुई जहाँ बहनें अपने भाई की रक्षा के लिए उन्हें शुभकामनाएं देती हैं और बंधन बाँधती हैं।

6. भारत में रक्षा बंधन कब शुरू हुआ?

भारत में रक्षाबंधन कब से शुरू हुआ, इसके बारे में कोई निश्चित जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसके लिए अनेक कथाएं और प्रथाएं प्रचलित हैं, जो इस त्योहार की महत्ता और महानता को दर्शाती हैं।

राजस्थान के मेवाड़ में एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, रानी कर्णावती ने अपने भाई बहन के साथ रक्षाबंधन मनाया था जब वह बचपन में थीं। उस समय सम्राट बाबर के सेनापति जगतसिंह ने राजा का अधिकार हड़प लिया था। उस समय रानी ने अपने भाई से मदद मांगी थी जो जगतसिंह को लड़ने में मदद करने के लिए उतर गए थे। इस तरह, रक्षाबंधन का उल्लेख इस प्रथम युगल के बीच हुआ था।

इसके अलावा, महाभारत के युद्ध में द्रौपदी ने भी कृष्ण से रक्षाबंधन किया था जब वह उन्हें उनकी मदद के लिए बुलाती थी। इस तरह, रक्षाबंधन की प्रारंभिक कहानियां बहुत पुरानी होती हैं।

7. रक्षा बंधन उत्सव इतिहास पीछे क्यों है?

रक्षाबंधन उत्सव भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण त्योहार है। हालांकि यह त्योहार पूर्व में बहुत महत्वपूर्ण था, लेकिन आधुनिक समय में इसकी महत्ता कम हो गई है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे आधुनिकता, व्यस्त जीवन शैली, परिवार विवाहों के विस्तार और सोशल मीडिया के उभयनय से बदलते समाज के साथ।

आजकल, लोग अपने भाई बहन के साथ नहीं रहते हैं, इसलिए उनके बीच रिश्ते कमजोर हो रहे हैं। इसके अलावा, अन्य उत्सवों जैसे दिवाली, होली, दुर्गा पूजा और गणेश चतुर्थी जैसे त्योहारों ने रक्षाबंधन की महत्ता को धुंधला दिया है।

हालांकि, कुछ लोग अभी भी इस उत्सव को ध्यान में रखते हैं और इसे पूरे उत्साह से मनाते हैं। रक्षाबंधन एक परंपरागत भारतीय त्योहार है जो भाई बहन के रिश्ते को मजबूत करता है और परिवार के महत्व को बढ़ाता है।

8. रक्षा बंधन पर किसकी पूजा की जाती है?

रक्षाबंधन पर हिंदू धर्म में भगवान श्री कृष्ण और उनकी बहन श्रीदेवी की पूजा की जाती है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण की मूर्तियां घरों में सजाई जाती हैं और पूजा की जाती है। बहन भगवान श्री कृष्ण को बंधन बांधती हैं और उन्हें रक्षा का वचन देती हैं। इसके बाद भाई अपनी बहन को उपहार देते हैं और उन्हें रक्षा बंधते हैं।

9. राखी क्यों बांधा जाता है?

राखी बंधना रक्षाबंधन का प्रमुख पर्व है जो हिंदू धर्म में मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर एक राखी बांधती हैं जो उनकी प्रेम और संबंधों का प्रतीक होती है। राखी बांधने से बहन अपने भाई को सुरक्षित रखने का संदेश देती है।

इसके अलावा, राखी के बंधने से भाई-बहन के बीच प्रेम और संबंधों की मिठास भी बढ़ती है। इस त्योहार के माध्यम से भाई-बहन के बीच एक दूसरे के प्रति आदर, सम्मान, प्यार और भरोसा का एहसास दिलाया जाता है।

10. रक्षाबंधन का पर्व कैसे मनाया जाता है?

रक्षाबंधन एक प्रमुख हिंदू त्योहार है जो पूरे भारत में मनाया जाता है। इस दिन भाई-बहन के बीच खुशी का माहौल बनता है और वे एक दूसरे को उपहार देते हैं। इस त्योहार के दौरान निम्नलिखित कार्यक्रम होते हैं:

  1. रक्षाबंधन के दिन भाई-बहन उठते ही पूजा के लिए तैयार होते हैं।
  2. पूजा में दीपक जलाया जाता है और प्रार्थना की जाती है कि भगवान श्री कृष्ण रक्षा बंधन की कलाई बांधने के लिए आएं।
  3. इसके बाद बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उन्हें अपनी दुआओं की शुभकामनाएं देती हैं।
  4. भाई अपनी बहन को उपहार देते हैं जैसे कि सोने का अंगूठी, परफ्यूम, चॉकलेट, कपड़े या अन्य चीजें।
  5. भाई-बहन एक दूसरे के साथ मिठाई और खाने का प्रसाद बांटते हैं।
  6. इस दिन कुछ परिवारों में भाई-बहन एक दूसरे के साथ भोजन करते हैं या घूमने जाते हैं।

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